केरल की राजधानी क्या है? Keral ki Rajdhani

दोस्तों क्या आपको पता है कि केरल की राजधानी क्या है? यह एक Hindi G.K. का बहुत ही महत्वपूर्ण का सवाल है|

केरल भारत में दक्षिण-पश्चिम समुद्री तट से लगा हुआ एक प्राकृतिक सुंदरता से परिपुर्ण राज्य है। इसकी राजधानी तिरुवनंतपुरम है। यहाँ विशेषतः मलयालम भाषा बोली जाती है। प्रकृति से हरे-भरे इस राज्य में लौंग, इलायची,जावित्री,सुपारी व अन्य भी कई सारे मसालों में उपयोग होने वाली चीज़े प्राकृतिक रूप में पाई जाती है।

केरल की राजधानी क्या है

यहाँ के धार्मिक समुदाय की अगर बात करें तो यहाँ हिन्दुओ और मुसलमानों के साथ-साथ ईसाई धर्म के लोग भी बड़ी संख्या में निवास करते है और इस राज्य का क्षेत्रफल ३८८६३ वर्ग किलोमीटर है।

केरल की राजधानी: तिरुअनन्तपुरम

भारत की स्वतंत्रता से पहले केरल कई रियासतों में बंटा हुआ था किन्तु स्वतंत्रता के बाद सभी रियासतों के राजाओं की आपसी सहमति से इन रियासतों का आपस में विलय करके जुलाई १९४९ ‘तिरुकोच्ची’ नाम के राज्य का गठन हुआ।वर्त्तमान के राज्य तमिलनाडु जो पूर्व में मद्रास था इसका एक जिला जो मालाबार नाम से था उसको १९५६ में तिरुकोच्ची के साथ मिलाकर पूर्ण केरल राज्य बनाया गया और इसकी राजधानी तिरुवनंतपुरम को बनाया गया जिसे आप और हम वर्त्तमान में जानते है।केरल राज्य में कुल १४ जिले है।

हमारे देश का कोई ही ऐसा व्यक्ति होगा जो ये नहीं जनता होगा की साक्षरता की दृष्टि से केरल राज्य कितना महत्वपूर्ण है क्यूंकि भारत देश की सबसे ज्यादा साक्षरता दर वाला राज्य केवल केरल ही है और ये केवल आज से ही नहीं है हाई स्कूल की सामाजिक विज्ञान की पुस्तक में हम में से कई लोगों ने यह पढ़ा भी है। और जब राज्य इतना साक्षर है तो आपको हम बता दें की यह राज्य सामाजिक-न्याय, स्वास्थय-स्तर,स्त्री-पुरुष समानता या लिंगानुपात,कानून का पालन  करना और शिशु-मृत्यु दर इन सभी मुद्दों में सबसे बेहतर है। दीर्घकाल से चला आ रहा विदेशी व्यापर, विज्ञान और कला इन क्षेत्रों में भी केरल खुद को गौरवान्वित महसूस करता है।

What is the Capital of Keral: Thiruvananthapuram

अरब सागर और सह्याद्रि पर्वत श्रृंखलाओं के मध्य एक बहुत ही  खूबसूरत भूभाग केरल पर्यटन के लिए भी एक महत्वपूर्ण स्थान रखता है क्यूंकि यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता सबको अपनी और आकर्षित कर ही लेती है। आज की  युवा पीढ़ी की भी चाहे वो किसी भी राज्य के क्यों न हो केरल एक पसंदीदा पिकनिक स्पॉट है। यहाँ की प्राकृतिक सुंदरता का राज ये भी है की यह अति वृष्टि क्षेत्र भी है जिससे यह प्रदेश जल और प्रकृति से समृद्ध है। यहाँ की जलवायु, यातायात की बेहतर सुविधायें और सांस्कृतिक परम्पराओं ने इस राज्य को पर्यटन के लिए और भी सुगम्य बनाया है।

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केरल की राजधानी तिरुवनंतपुरम शहर जिसे त्रिवेंद्रम भी कहते है मंदिर, मस्जिद और चर्चों का केंद्र है इसका कोवलम समुद्र तट दुनिया भर में प्रसिद्ध है,कोवलम बीच रिसोर्ट ,वेली, नेयर बांध और पोमुडी यहाँ के प्रसिद्ध दार्शनिक स्थल है।इडुक्की जिले में पेरियार वन्य जीव अभयारण्य है जो वन्य जीव प्रेमियों का विशेष पर्यटन केंद्र है। सबरीमाला जिसे भगवान अयप्पन का निवास कहते है पथनमथिट्ठा जिले का विश्वप्रसिद्ध तीर्थ स्थान है।केरल का प्रसिद्ध बंदरगाह कोच्चि अरब सागर की रानी माना जाता है।

शंकराचार्य जी का जन्म स्थान कलादी जो की इसी राज्य में है।कलामंडलम त्रिसूर जिले का प्रसिद्ध कथकली नृत्य केंद्र है ।विक्रम सारा भाई अंतरिक्ष केंद्र और राजीव गाँधी जैव प्रौद्योगिकी केंद्र तिरूवन्तपुरम के भारत में जाने माने शिक्षण संस्थान है भारत के दक्षिण-पश्चिम तट पर बसे इस नगर को महात्मा गाँधी जी द्वारा सदाबहार नगर की संज्ञा दी गई है। केरल को प्रकृति का अद्भुत वरदान है तो इन सबके  संयोग से बना हस्थ-शिल्प भी विशेष रूप से पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करता है यहाँ बाजारों में यहाँ के पारम्परिक हस्तशिल्प जैसे तांबे का सामान, बांस का फर्नीचर हर कोई बड़ी संख्या में ले जाते है।

केरल की राजधानी क्या है?: तिरुवनन्तपुरम

केरल की राजधानी क्या है? यह एक हरा शहर है जो 7 पहाड़ों पर बसा हुआ है जिसका नाम तिरुवनन्तपुरम है जोकि केरल की राजधानी भी है। यह भारत के साउथ हिस्से में है जिसका तट अरेबियन सी है। यहां सबसे बड़ा मंदिर है जिसका नाम श्री पदमनाभास्वामी मंदिर है। जिसको भगवान विष्णु के नाम से रखा गया है जिसको त्रिवेंद्रम कहा जाता था। इसका नाम 1991 में तिरुवनन्तपुरम कर दिया गया।

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केरल की राजधानी

तिरुवनन्तपुरम की हिस्ट्री (History Of Thiruvananthapuram)

यह कहा जाता है कि प्राचीन लोग तो यहां बसे हुए थे जिनको आज बूबर के नाम से जाना जाता है वह सोलोमून से सौदा करते थे मसालों, हाथी दांत, और सैंडलवूड। यहां आए कबीले की हुकूमत थी जो इस वक्त तमिलनाडु में है। जिन लोगों को कलाम के लोगों ने हरा दिया था कई सदियों पहले और उन्हीं लोगों को मरठंडा वर्मन ने हरा दिया था 18 वीं सदी में और फिर तिरुवनंतपुरम को वहां की राजधानी घोषित कर दिया गया था। आजादी मिलने के बाद जब केरल बनाया गया तब तिरुवनन्तपुरम को वहां की राजधानी घोषित कर दिया गया।

तिरुवनन्तपुरम में मनाए जाने वाले फेस्टिवल (Festivals Calebrate in Thiruvananthapuram)

तिरुवनंतपुरम में मनाए जाने वाले फेस्टिवल ओनम, विशु और अत्तूकल अंगाला। दूसरे मनाए जाने वाले फेस्टिवल्स है पदमनाभास्वामी मंदिर में मनाया जाने वाला आरात फेस्टिवल।

तिरुवनन्तपुरम में खान पान (popular dishes and sweets in Thiruvananthapuram)

यहां हर तरीके की शाकाहारी और मांसाहारी डिश बनाई जाती है। यहां नारियल से बहुत स्पाइसी ग्रेवी बनाई जाती है जिसको केले के पेड़ के पत्ते के ऊपर खाया जाता है। जिन लोगों को समुंद्री खाना पसंद है वह आकर यहां खा सकते हैं अपनी मनपसंद मछलियां, केकड़े, झींगे और बहुत सारी डिशेस। तिरुवनंतपुरम में बहुत तरीके की विशेष मिलती है चाहे वो नॉर्थ इंडियन हो या चाइनीस या कॉन्टिनेंटल या फिर फास्ट फूड हो यहां पर हर तरीके की डिशेस आपको मिलेंगे।

तिरुवनन्तपुरम में मार्केट (Big Market In Thiruvananthapuram)

यहां बहुत तरीके के टैक्सटाइल्स मिलते हैं जिनकी शॉपिंग करने देशभर से लोग आया करते हैं। कपड़ों को छोड़कर यहां पर बहुत सारे आर्टिफिशियल सामान भी मिलते हैं जो कि लकड़ी स्टील और अन्य प्रकार के धातुओं से बनाई जाती है। यहां पर बहुत से मोरबी है जहां पर बहुत से हाउसहोल्ड चीजें भी मिलती हैं।

तिरुवनन्तपुरम का क्लाइमेट (Thiruvananthapuram climate)

तिरुवनंतपुरम का टेंपरेचर 15 डिग्री से 39 डिग्री तक होता है। यह शहर 3 सीजन से जाना जाता है जोकि है गर्मी(मार्च और मई), मानसून (जून और सितंबर), और ठंड जो की (अक्टूबर और फरवरी तक जाती है। देव अनंतपुरम भारत की कैसी सिटी है जो जून से पूरे अगस्त तक रोजाना बारिश से गुजरती है यहां पर बारिश की संभावना 1500 एमएम हर साल के हिसाब से है। गर्मी में यहां का टेंपरेचर 17 डिग्री से 34 डिग्री तक हो सकता है और ठंड में इसका टेंपरेचर 15 डिग्री से 13 डिग्री तक होता है। यहां पर ठंड नहीं ज्यादा पड़ती है यहां पर पहाड़ी इलाका होता है।

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तिरुवनन्तपुरम में नदिया (Rivers In Thiruvananthapuram)

कर्मन ना नदी जो कि तिरुअनंतपुरम से गुजरते हुए निकलती है अगस्त्यकोडाम में जो फिर दूसरी सिटी में जाती है जिसका नाम नीतूमंगद है और उसके बाद वह अरेबियन सी से मिल जाती है पनाथुरा में जोकि कोवलम में है। इस नदी की सबसे खास बात यह है कि इसका एक हिस्सा श्री पद्मनाभस्वामी मंदिर में और अतुकुल भगवती मंदिर में निकलता है। जिस के बाहरी हिस्से में जंगल बसा हुआ है और वहां पर केले और नारियल की खेती है।

इस पोस्ट में हमने आपको यह बताया कि केरला की राजधानी कहां है और उसकी हिस्ट्री के बारे में भी आपको बताया और वहां का क्या क्लाइमेट होता है और वहां कौन-कौन सी नदियां हैं इसके बारे में भी हमने आपको बताया है। इसके साथ ही हमने आपको वहां के खानपान और वहां की मार्केट के बारे में भी पूरी जानकारी दी है तो उम्मीद है आपको हमारी पोस्ट पसंद आई होगी इसको आगे शेयर करें।

कथकली के मुखोटे और परिधान यहाँ आसानी से बाज़ारों में उपलब्ध है।सरकारी दुकानों के साथ-साथ, चलाई बाजार, कोन्नेमारा बाजार, पावन हाउस रोड मार्किट, एम.जी.रोड, अट्टुकल शॉपिंग काम्प्लेक्स, नर्मदा शॉपिंग काम्प्लेक्स से भी खरीदारी कर सकते है,और विशेष बात यह की यहाँ रविवार बाजार नहीं खुलता है।

ये था केरल और इसकी राजधानी तिरुवनंतपुरम।

दोसतों उम्मीद है की केरल की राजधानी क्या है। Keral ki Rajdhani के बारे में पढ़ कर  आपको ख़ुशी हुई होगी।

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