कोलकाता की राजधानी क्या है । Kolkata ki Rajdhani kaha hai

कोलकाता की राजधानी क्या है । कोलकाता किसकी राजधानी है| Kolkata ki Rajdhani kaha hai

दोस्तो आज हम कोलकाता की राजधानी  के बारे में जानेंगे, यदि आपको नही पता है की कोलकाता की राजधानी और उसकी जानकारी, तो हम आपको बता देते है.

कोलकाता एक ऐसा शहर जो ना जाने कितना ही अनोखा इतिहास अपने में  समाये बैठा है। यहां की संस्कृति एवं रूपरेखा लोक  में प्रचलित है। दिल्ली के बाद कोलकाता ही एक ऐसा शहर है जोकि क्षेत्रफल के नजरिए से दूसरी श्रेणी में गिना जाता है। ऐसा कहा जाता है कि कोलकाता का हावड़ा स्टेशन सबसे ज्यादा व्यस्त स्टेशन है। यहां सबसे पुराना चिड़ियाखाना स्थित है।

कोलकाता की राजधानी क्या है

 कोलकाता पश्चिम बंगाल की राजधानी है। कोलकाता भारत का प्रमुख आर्थिक और ओद्योगिक शहर भी है। कोलकाता हुगली नदी के किनारे पर स्थित है। काता पश्चिम बंगाल का एक सांस्कृतिक एव  शैक्षिक केंद्र है। भारत का पाँचवा सबसे बड़ा बन्दरगाह कोलकाता ही है।

  • कोलकाता भारत का  दूसरा सबसे बड़ा महानगर है। इसकी जनसंख्या 2011 में 1,41,12,536 इतनी थी। कोलकाता में भी स्टॉक एक्स्चेंज है, जो भारत का दूसरा सबसे बड़ा स्टोक एक्स्चेंज है। काता पुराना नाम “कैलकटा” था,  1 जनवरी, 2001 को इसका नाम बदलकर कोलकाता रखा गया। कोलकाता आधुनिक भारत के शहरों में एक है।
  • कोलकाता भारत का शिक्षा का  शहर है। कोलकाता में बहुत बड़े बड़े स्कूल है। कोलकाता विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल राष्ट्रीय न्यायिक विज्ञान विश्वविद्यालय, नेताजी सुभाष मुक्त विश्वविद्यालय,पश्चिम बंगाल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय, पश्चिम बंगाल पशुपालन एवं मतस्य पालन विज्ञान विश्वविद्यालय, जादवपुर विश्वविद्यालय ये कोलकाता के कुछ बहुत उच्च विद्यालय है। भारत और विदेश से लोग यहाँ पर शिक्षा को प्राप्त करने आते है। 
  • कोलकाता एक बहुत अच्छी घूमने की जगह  है। विक्टोरिया मेमोरियल, हावड़ा ब्रिज, दक्षिणेश्वर काली मंदिर, कालीघाट काली मंदिर, भारतीय संग्रहालय, संगमरमर का महल, न्यू टाउन इको पार्क, बिड़ला तारामंडल, निकको पार्क, एसे बहुत सारी जगह है जहाँ आप घूमने जा सकते है। कोलकाता में  आर्थिक और आधुनिक विकास बहुत तेजी से बढ़ रहा है।

कोलकाता के दर्शनीय स्थल

कोलकाता की राजधानी kya hai

विक्टोरिया मेमोरियल कोलकाता एक  दर्शनीय स्थल में सबसे महत्वपूर्ण स्थान रखता है। महारानी विक्टोरिया की याद में सन् 1901 में लॉर्ड कर्जन द्वारा बनवाया गया विक्टोरिया मेमोरियल कोलकाता के प्रमुख आकर्षणो में से भी एक है। इसको बनाने में लगभग बीस साल का समय लगा था। सन् 1921 में यह बनकर तैयार हो गया था। इसका उद्घाटन प्रिंस अॉफ वेल्अस ने किया था। यह इमारत ब्रटिश शासनकाल की भारत में एक अमूल्य धरोहर है। यह इमारत सफेद संगमरमर से तैयार आगरा का ताजमहल और लंदन के सेंट पॉल कैथेड्रल की शिल्पकला को समेटे हुए है। इस इमारत में भिन्न भिन्न प्रकार के 25 कक्ष बने है। जिनमे महारानी विक्टोरिया से संबंधित लगभग 3500 वस्तुए सैलानियो के दर्शन हेतु संग्रह करके रखी गई है। इस इमारत के सामने महारानी विक्टोरिया की कांसे की प्रतिमा भी स्थापित है। जो कि मुख्य रूप से दर्शनीय है। यह संग्रहालय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है। सोमवार को को यह संग्रहालय बंद रहता है।

  •  बिडला मंदिर: बिडला मंदिर संगमरमर के खुबसूरत पत्थरो से बना एक भव्य मंदिर है। राजस्थानी कला के परिचायक इन मंदिरो की दीवारो पर राजस्थान के जनजीवन से संबंधित कलात्मक दृश्यो को बडी कुशलता से दर्शाया गया है। यह मंदिर भगवान श्रीकृष्ण और देवी राधा को समर्पित मंदिर है। इसका निर्माण 1970 में शुरू किया गया था। लगभग 26 साल के कडे परिश्रम से यह मंदिर 1996 में बनकर तैयार हुआ था। रात्री के समय विधुत प्रकाश में इसकी सुंदर देखते ही बनती है। 
  •  भारतीय संग्रहालय: कोलकाता दर्शनीय स्थल में मुख्य तथा एशिया के बेहतरीन संग्रहालयो में से एक है। सन् 1875 में निर्मित इस संग्रहालय को भू विज्ञान, वनस्पति विज्ञान, प्राणी विज्ञान, मानव विज्ञान, कला विज्ञान और उद्योग विज्ञान आदि 6 भागो में बांटा गया है। यहा सांची, अमरावती, गंधार, सारनाथ, जावा और कंबोडिया आदि की ऐतिहासिक व पुरातात्विक महत्व की सामग्रीयां संग्रहीत है। इस संग्रहालय को जादूघर भी कहा जाता है। दर्शको के लिए यह संग्रहालय सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक खुला रहता है।
  •  हावडा ब्रिज: हावडा पुल यह नाम दुनिया भर में प्रसिद्ध है। यह पुल हावडा और कोलकाता को जोडता है। यह पुल एक ऐतिहासिक पुल है। इस पुल को रवीन्द्र सेतु के नाम से भी जाना जाता है। यह पुल पूर्ण रूप से लोहे से निर्मित है। जिसमे 2590 टन बढिया क्वालिटि का लोहा लगा हुआ है। यह पुल 1500 फुट लंबा और 71 फुट चौडा है। यह अपने तरह का छठवाँ सबसे बड़ा पुल है। सामान्यतया प्रत्येक पुल के नीचे खंभे होते है जिन पर वह टिका रहता है परंतु यह एक ऐसा पुल है जो सिर्फ चार खम्भों पर टिका है दो नदी के इस तरफ और पौन किलोमीटर की चौड़ाई के बाद दो नदी के उस तरफ। सहारे के लिए कोई रस्से आदि की तरह कोई तार आदि नहीं। इस दुनिया के अनोखे हजारों टन बजनी इस्पात के गर्डरों के पुल ने केवल चार खम्भों पर खुद को इस तरह से बैलेंस बनाकर हवा में टिका रखा है कि 80 वर्षों से इस पर कोई फर्क नहीं पडा है।
  •  बिडला तारामंडल: सांची के बुद्ध स्तूप की तरह दिखाई देने वाले बिडला तारामंडल के गुम्बंद का व्यास लगभग 27 मीटर लंबा है। इस भवन में 500 लोग  बडे आराम से बैठ सकते है। यहा वैज्ञानिक ग्रह-नक्षत्रों के बारे में जानकारी देते है। यहा बैठकर ऐसा महसूस  होता है जैसे  हम खुले आसमान को बैठ कर  देख रहे हो। यह भवन दोपहर को 12 बजे से शाम 6 बजे तक खुला रहता है।
  •  शहीद मीनार: शहीद मीनार का निर्माण सर डेविड डॉक्टर लोनी (जो नेपाल युद्ध में सेना के नायक थे) की याद में करवाया गया था। यह भव्य मीनार 158 फुट ऊंची है। इस भवन पर खड़े होकर आप पूरे शहर को आराम से देख सकते हो। 
  •  ईडन गार्डन: अलेक्जेंडर की बहन के नाम से बनाया गया यह गार्डन विलियम फोर्ट के उत्तरी पश्चिमी छोर पर स्थित है। कोलकाता दर्शनीय स्थल की यात्रा पर आने वाले अधिकतर  लोग यहाँ पर सैर करने के लिए आते है। इस गार्डन के पूर्व में रणजी स्टेडियम भी है। जहा सन् 1987 में क्रिकेट का विश्व कप फाइनल मैच खेला गया था।

आज की पोस्ट के माध्यम से आपने जाना की कोलकाता की राजधानी और आपको इस पोस्ट के द्वारा हमने कोलकाता की राजधानी और उसकी जानकारी के बारे में भी बताया। आशा करते है की आपने इस पोस्ट के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त की होगी।

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