दुनिया का सबसे बड़ा महासागर कौन सा है?| Which is the biggest ocean in the world?

दोस्तों क्या आपको पता है कि दुनिया का सबसे बड़ा महासागर कौन सा है? (Which is the biggest ocean in the world?)

दुनिया का सबसे बड़ा महासागर कौन सा है?:प्रशांत महासागर

प्रशान्त महासागर विश्व का सबसे बड़ा महासागर है। प्रशांत महासागर त्रिभुजाकार आकार का है। इसका शीर्ष बेरिंग जलडमरूमध्य पर है जो घोड़े के खुर की आकृति बनाता है इसके साथ ही है ज्वालामुखी के पर्वतों और छोटी-छोटी पहाड़ियों से घिरा हुआ बेसिन भी बनाता है।

प्रशांत महासागर के बारे में महत्‍वपूर्ण जानकारी (

Important information about Pacific Ocean)

 दुनिया का सबसे बड़ा महासागर कौन सा है प्रशांत महासागर

प्रशान्त महासागर का कुल क्षेत्रफल 6,36,34,000 वर्ग मील है,जोकि अटलांटिक महासागर के दुगने से भी अधिक है।प्रशान्त महासागर की अधिकतम गहराई 11,033 मीटर है जो प्रशान्त महासागर के पश्चिमी-उत्तरी हिस्से में मरियाना ट्रेंच क्षेत्र में है।प्रशान्त महासागर की औसत गहराई 4000 मीटर है। प्रशान्त महासागर एशिया और ऑस्ट्रेलिया के तटों से लेकर अमारिका के तटों तक फैला है।

प्रशान्त महासागर को भूमध्य रेखा उत्तरी प्रशान्त महासागर और दक्षिणी प्रशान्त महासागर में विभाजित करती है। पृथ्वी के 70% हिस्से पर केवल पानी है जिसमें  46% भागीदारी केवल प्रशान्त महासागर की है। प्रशान्त महासागर फिलिपिंस तट से पनामा तक 9455 मील चौड़ा है और बेरिंग जलडमरूमध्य से लेकर अंटार्कटिका तक 10494 मील लंबा है।प्रशान्त महासागर के पूर्वी किनारों पर पर्वतों की श्रंखला है और यहां समुद्री मैदान भी बहुत ही संकरे हैं। जिसकी वजह से यहां अच्छे बंदरगाहों का अभाव है और यहां की सभ्यता भी ज्यादा विकसित नहीं हो पाई है।

यहां बेरिंग जलडमरूमध्य सदैव बर्फ से जमा रहता है जिसके कारण यातायात की सुविधा भी सदैव बाधित रहती है।इसके विपरीत प्रशांत महासागर के पश्चिमी तटों की बात करें तो यहां पर्वत बिल्कुल भी नहीं है, बल्कि कई खाड़ियां,द्वीप,प्रायद्वीप और डेल्टा है। प्रशान्त महासागर के पश्चिमी तट पर जापान,फिलिपींस,हिंदेशिया आदि जैसे 7000 द्वीप है। इन किनारों से देश की बड़ी-बड़ी नदियां समुद्र में गिरती है।जिनके डेल्टाओं में घनी जनसंख्या बसी है और सुंदर-सुंदर बंदरगाह भी विकसित हुए है।

यह भी पढ़ें   अमेरिका की GDP कितनी है ? | America Ki GDP Kitni Hai?

प्रशान्त महासागर की सतह पर मुख्यतः पश्चिम में पाए जाने वाली खाईयों के नाम और उनकी गहराइयां इस प्रकार है- मरियानाट्रेंच व टेसेअरोरा 32644 फुट, नैरो 32107 फुट एल्ड्रिच 30930 फुट रंपा 34626 फुट है। प्रशान्त महासागर के उत्तर में सबसे ज्यादा गहराई आल्यूशैन द्वीप के पास है,जो 25194 फुट पर है।

Which is the biggest ocean in the world?:Pacific Ocean

 प्रशान्त महासागर का अमेरिका से लगा हुआ पश्चिमी तट प्यूजेट साउंड नामक जगह से अलास्का तक बर्फीली चट्टानों से घिरा हुआ है।प्रशान्त महासागर के उत्तर की ओर अल्यूशैन द्वीप का व्रतखंड स्थित है,जो साइबेरिया के समीपवर्ती भागों से होता हुआ बेरिंग सागर तक है। प्रमुख द्वीप प्रशान्त महासागर के पश्चिमी किनारे से होते हुए  केमचैटका प्रायद्वीप के उत्तर और ऑस्ट्रेलिया के उत्तर-पूर्व की ओर तक फैले हुए है।

यह हिंदेशिया के व्रतखंड से मिल जाते है। ज्वार भाटा प्रशांत महासागर की प्रमुख विशेषता है जिसकी वजह से यहां नाविकों को यात्रा में काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। ज्वारभाटा का क्रम प्रशांत महासागर के विभिन्न तटों पर भिन्न-भिन्न है। इसकी ऊंचाई और इसका प्रभाव कहीं बहुत अधिक और कहीं बहुत कम होता है,जैसे कोरिया के तट पर इसकी ऊंचाई अलग-अलग स्थलों पर लगभग 15 और 30 फुट के बीच में होती है।

वहीं अगर अलास्का के तट की बात करें तो यहां इनकी ऊंचाई लगभग 45 फुट तथा स्कैगने पर 30 फुट के लगभग तक होती है। प्रशान्त महासागर का सबसे कमजोर भाग उत्तर, पूर्व एवं पश्चिम से होता हुआ भूपटल है, जिसके कारण यहां पर सबसे ज्यादा भूकंप और ज्वालामुखीयों का उद्गार हुआ करता है। अभी भी यहां लगभग 300 सक्रिय ज्वालामुखी पर्वत है जिनसे निरंतर उद्गार होता रहता है।इस महासागर में छोटे-छोटे द्विपों का निर्माण प्रवालवलय,भूकम्पों और ज्वालामुखीयों द्वारा ही हुआ है।

यह भी पढ़ें   महाभारत का पुराना या प्राचीन नाम क्या था। Mahabharat ka Purana Naam Kya

 टेक्टोनिक्स प्लेट के खिसकने के कारण प्रशांत महासागर पर जो प्रभाव पड़ रहा है जिस कारण वर्तमान में यह महासागर प्रतिवर्ष लगभग 1 इंच 3 पक्षों से सिकुड़ रहा है। जो लगभग 0.52 किलोमीटर 1 वर्ष का औसत है। वहीं दूसरी और अटलांटिक महासागर आकार में बढ़ता जा रहा है।

प्रशान्त महासागर का वह भाग जो कर्क रेखा और मकर रेखा के मध्य में है उसे मध्य प्रशान्त महासागर कहा जाता है। जिसमें कर्क रेखा प्रशान्त महासागर के उत्तरी भाग के अंतर्गत तथा मकर रेखा प्रशान्त महासागर के दक्षिणी भाग के अंतर्गत आती है। प्रशांत महासागर को दो भागों में विभक्त करने के लिए अंतरराष्ट्रीय जल सर्वेक्षण संगठन द्वारा भूमध्य रेखा का सहारा लिया गया था। इसकी खोज स्पेनवासी बैबैओ ने की थी तथा उन्होंने प्रशान्त महासागर को पनामा नामक स्थान पर दक्षिणी सागर का नाम दिया था।

 वैज्ञानिक अन्वेषकों तथा बहादुर नाविकों द्वारा इस महासागर के विषय में जानकारी लेने के लिए कई प्रयत्न किए गए तथा आज भी इसका अध्ययन निरंतर जारी है। कई पुस्तकों में अध्ययन करने से यह पता लगता है कि सबसे पहले इस महासागर का अध्ययन करना और इसके बारे में पता लगाना पेटरब्युक नाम के व्यक्ति ने किया था।

इसके बाद बेलबोआ, मागेमेनदान्या, कुकु,हॉरिस आदि यूरोपियन व्यक्तियों ने यह प्रयास किया। द्वितीय विश्व युद्ध समाप्त होने के बाद संयुक्त राष्ट्र ने सफल व्यापार और पूंजी विनियोग के विकास के लिए इसके बारे में पता लगाने के लिए खर्च किया जो उनके लिए लाभदायक भी हुआ।आज भी प्रशान्त महासागर के गर्भ में छुपे रहस्यों की जानकारी प्राप्त करने के लिए निरन्तर प्रयत्न जारी है।

यह भी पढ़ें   वेब होस्टिंग क्या होती है कहां व कैसे खरीदें ? | What is Hosting in Hindi?

तो यह थी दुनिया का सबसे बड़ा महासागर कौन सा है?| Which is the biggest ocean in the world? से जुड़ी हुई रोचक जानकारी आशा है आपको यह जानकारी पर्याप्त लगी होगी।

ऐसे ही रोजाना जानकारी पाने के लिए जुडे रहे hindi.todaysera.com के साथ।

 

error: Content is protected !!