थर्मामीटर का आविष्कार कब और किसने किया?

Thermometer ka Avishkar Kisne Kiya Tha | थर्मामीटर का आविष्कारक कौन है | थर्मामीटर का आविष्कार कब हुआ था

दोस्तो आज हम थर्मामीटर का आविष्कार कब और किसने किया के बारे में जानेंगे, यदि आपको नही पता है की थर्मामीटर का आविष्कार कब और किसने किया और इसकी जानकारी, तो हम आपको बता देते है..

थर्मामीटर का आविष्कार कब और किसने किया

थर्मामीटर फर्स्टएड में इस्तेमाल किये जाने वाले उपकरणों में से एक है। जिसका उपयोग हर घर मे किया जाता है। थर्मामीटर एक ऐसी वस्तु है जो आज के समय में हर घर में उपलब्ध होता है क्योंकि इससे हम आसानी से बुखार माप सकते हैं चाहे वह बच्चा हो या बूढ़ा, सभी का तापमान आसानी से मापा जा सकता है। अगर आपको ऐसा लगता है कि आपको या आपके बच्चे को बुख़ार महसूस हो रहा है। तो आप थर्मामीटर का उपयोग तापमान को चेक करने के लिए यूज़ कर सकते है। तो आइए आपको निचे उसे बताते है कि आप थर्मामीटर को कैसे इस्तेमाल कर सकती है।

थर्मामीटर का आविष्कार कब और किसने किया?

ऐसा माना जाता है कि थर्मामीटर की खोज 1596 में मशहूर वैज्ञानिक गैलीलियो गैलिली ने की थी लेकिन उन्होंने जो उपकरण बनाया था उसकी तापमान की सटीक माप नहीं ले पा रही थी। 1612 में साइंटिस्ट संतोरिओ ने थर्मामीटर की खोज करी हो टेंपरेचर मैसुरिंग डिवाइस के रुप में की और 1714 में पहला मरकरी थर्मामीटर बनाने का श्रेय गेब्रियल फ़ारेनहाइट को जाता है जिनका बनाया थर्मामीटर ज्यादा सटीक रीडिंग देने में उस उपकरण की जीत हो गई।

थर्मामीटर के कितने प्रकार होते है?

थर्मामीटर के सामान्य के दो प्रकार देखे जाते हैं। दोनों ही प्रकार के थर्मामीटर की जानकारी निम्नलिखित है।

  •  मरकरी थर्मामीटर – इस तरह के थर्मामीटर में कांच की ट्यूब में पारा भरा होता है और ट्यूब के ऊपर तापमान लिखे होते हैं। शरीर का तापमान लेते समय, तापमान में आये बदलाव से मरकरी फैलता-सिकुड़ता है और  जिससे बॉडी टेम्परेचर का पता लगाया जाता है। 
  •  डिजिटल थर्मामीटर – इस तरह के थर्मामीटर में तापमान एक एल.सी.डी स्क्रीन पर दिखता  है। बैटरी से चलने वाले इस थर्मामीटर में सेंसर और एल.सी.डी स्क्रीन लगी होती है। ये थर्मामीटर सेल्सियस में तापमान को मापता हैं और इससे रीडिंग लेना बहुत ही आसान हो जाता है।

थर्मामीटर का आविष्कार

थर्मामीटर का इस्तेमाल कैसे किया जाता है?

शरीर का तापमान चेक करने के लिए आपको थर्मामीटर सही से  चलाना आना चाहिए। इसके लिए हमें पहले से ही जांच लेना चाहिए कि थर्मामीटर सही से कार्य कर रहा है या नहीं।

  • 6 महीने की उम्र तक के  बच्चे के लिए उनके गुदा में डिजिटल थर्मामीटर लगाना चाहिए और तीन साल के उम्र के बच्चों से भी इसको दूर रखना चाहिए तीन साल के बच्चें का तापमान चेक करने के लिए भी गुदा में डिजिटल से ही चेक करना चाहिए क्योंकि यह बच्चों के लिए सबसे सही माना जाता है। 
  • थर्मामीटर का सही इस्तेमाल सही जगह लगाने से होता है और सही जगह व्यक्ति की उम्र पर निर्भर करती है। 
  •  सामान्य प्रकार से शरीर के तापमान को चेक करने के लिए मुँह, बगल औऱ गुदा में लगा कर मापा जाता है। और यह तरीका भी सुरक्षित है।

थर्मामीटर को कहाँ और कैसे यूज़ कर सकते है-

  • बगल से तापमान लेने पर: शरीर के तापमान को चेक करने के लिए थर्मामीटर को बगल में रख कर तापमान मापा जाता है। लेकिन इसका इस्तेमाल मुँह और गुदे से कम इस्तेमाल होता है। बगल से तापमान लेने के लिए सबसे पहले आपको अपने बगल को सुखाना होगा फिर थर्मामीटर की नोक को बगल में रख कर अपने हाथ को निचे रखना होगा। आपको तबतक इंतेज़ार करना होगा जब तक थर्मामीटर से आवाज ना आए जैसे ही थर्मामीटर की आवाज आए तब आप अपना तापमान को चेक कर सकते है कि आपको बुखार है या नहीं। 
  • मुँह से तापमान लेने पर: मुँह में पीछे की तरफ जीभ में थर्मामीटर रखकर तापमान लेना सही होता है और अगर आप डिजिटल थर्मामीटर का इस्तेमाल कर रहे है तो थर्मामीटर को ऑन कर ले ऑन करने के बाद आप थर्मामीटर को अपने मुँह में जीभ के निचे रखें औऱ तब तक जब तक थर्मामीटर से आवाज ना आए। और अगर आप मरकरी थर्मामीटर का इस्तेमाल करते है तो उसे भी जीभ के निचे रख कर  इंतेज़ार करना है मापने के बाद आपको थर्मामीटर को गर्म पानी में डाल कर ठंडे पानी में डालना है । 
  • गुदे से तापमान लेने पर:  गुदे से तापमान चेक करने का इस्तेमाल ज्यादातर छोटे बच्चो और नवजात शिशुओं  में किया जाता है गुदे से तापमान लेने से पहले उसे धो ले और उसके बाद पेट्रोलियम जेली से उसे चिकना कर ले और उसके बाद कूल्हों को खोले उसमें थर्मामीटर की नोक को डाल ले और आधे इंच से ज्यादा थर्मामीटर को गुदे के अंदर न डाले और अगर नोक अंदर ना जाए तो बिल्कुल भी कोई ज़बरदस्ती न करे और अगर गुदे ने नोक चली जाती है तो तब तक इंतेज़ार करे जब तक थर्मामीटर से आवाज आ जाए। उसके बाद अपने हाथ को और थर्मामीटर को अच्छे से धो लें क्योंकि ऐसा न करने पर बहुत सी बीमारिया फैल सकती है। गुदे से तापमान लेने के लिए हमेशा मुलायम या लचीली नोक वाले थर्मामीटर को ही खरीदे गुदे का तापमान मुँह और बगल से 1 डिग्री ज्यादा होता है।

आज की पोस्ट के माध्यम से आपने जाना की थर्मामीटर का आविष्कार कब और किसने किया?  और आपको इस पोस्ट के द्वारा हमने थर्मामीटर का आविष्कार कब और किसने किया? के बारे में भी बताया। आशा करते है की आपने इस पोस्ट के बारे में पूरी जानकारी प्राप्त की होगी।

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