भारत के शिक्षा मंत्री कौन है? Who is the current Education Minister of India

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आज के इस लेख में हम आपको बताने जा रहे है, कि वर्तमान में भारत के शिक्षा मंत्री कौन है? के लोकसभा चुनाव होने के बाद बहुत से लोगों को शायद यह जानकारी नहीं होगी कि भारत के नए केंद्रीय शिक्षा मंत्री कौन है? वैसे तो जरूरतों की बदलने के साथ-साथ शिक्षा मंत्रालय के नाम और क्षेत्रों में भी कई परिवर्तन किए गए जिसके फलस्वरूप वर्तमान में भारत में शिक्षा मंत्री नाम का कोई पद नहीं है।

वर्तमान में शिक्षा मंत्रालय को मानव संसाधन मंत्रालय के नाम से जाना जाता है और इसी मंत्रालय के अंतर्गत शिक्षा से जुड़े विकास कार्यों को रखा गया है। चलिए अब हम आपको बताते है की वर्तमान में भारत के मानव संसाधन मंत्री अर्थात शिक्षा मंत्री कौन है?

भारत के शिक्षा मंत्री: रमेश पोखरियाल निशंक जी

भारत के शिक्षा मंत्री

2019 में 17वीं लोकसभा चुनावों के परिणामों के बाद बीजेपी पार्टी जब सत्ता में आई तब नरेंद्र मोदी जी ने रमेश पोखरियाल निशंक जी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शामिल किया और इन्हें शिक्षा मंत्रालय की जिम्मेदारियों को सौंपा गया। रमेश पोखरियाल निशंक जी उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री भी रह चुके है।सन् 2019 में इन्होंने लोकसभा चुनावों में हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से जीत हासिल की है।

2014 में बीजेपी पार्टी जब सत्ता में आई थी तब स्मृति ईरानी जी को केंद्रीय मंत्रिमंडल में शिक्षा मंत्री बनाया गया था किंतु उनके साथ कुछ डिग्री विवाद चलते हुए उन्हें कपड़ा उद्योग दिया गया तब प्रकाश जावड़ेकर जी को 5 जुलाई 2016 को शिक्षा मंत्रालय सौंपा गया था। प्रकाश जावड़ेकर थी तब से लेकर 2019 के लोकसभा चुनाव पूर्ण होने तक मानव संसाधन मंत्री के पद पर बने रहे।

हम आपको बता दें कि भारत के सबसे पहले शिक्षा मंत्री मौलाना अबुल कलाम आजाद जी थे जो 15 अगस्त 1947 से लेकर 22 जनवरी 1958 तक भारत के शिक्षा मंत्री रहे।जो अब तक रहे शिक्षा मंत्रियों के कार्यकाल में सबसे लम्बा कार्यकाल है।अबुल कलाम आजाद जी को भारत रत्न का सम्मान भी  प्रदान किया जा चुका है।

आइए वर्तमान में जो भारत के शिक्षा मंत्री अर्थात मानव संसाधन मंत्री है,उनके बारे में जानते है। यह तो हम जान चुके है कि, रमेश पोखरियाल निशंक जी लोकसभा चुनाव 2019 में हरिद्वार लोकसभा सीट से विजयी होकर केंद्रीय मंत्री बने है। इनका जन्म 15 जुलाई 1958 को उत्तराखंड राज्य के पौड़ी गढ़वाल जिले के पिनानी गांव में हुआ था। इनके पिता जी का नाम परमानंद पोखरियाल और माताजी का नाम विश्वंभरी देवी था। इनकी पत्नी का नाम कुसुम कांत पोखरियाल है।

अब हम भारत के शिक्षा मंत्री रमेश पोखरियाल निशंक जी के राजनीतिक जीवन पर प्रकाश डालते है। सन् 1991 में पहली बार कर्णप्रयाग निर्वाचन क्षेत्र से इनका चयन उत्तर प्रदेश विधानसभा के लिए हुआ था। 1997 में श्री कल्याण सिंह जी के कार्यकाल में उत्तर प्रदेश सरकार में इन्हें पर्वतीय विकास विभाग की जिम्मेदारियां सौंपी गई थी।

सन् 2000 में जब उत्तर प्रदेश राज्य को विभाजित करके उत्तराखंड राज्य का गठन किया गया था,उस समय रमेश पोखरियाल निशंक जी को उत्तराखंड राज्य के सबसे पहले वित्त, राजस्व, कर, पेयजल सहित 12 विभागों के मंत्री बनने का अवसर प्राप्त हुआ था।

वर्ष 2007 में इन्हें इस राज्य का विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, चिकित्सा स्वास्थ्य एवं भाषा इन विभागों का मंत्री बनाया गया था। तत्पश्चात सन् 2009 में इन्हें उत्तराखंड राज्य का सबसे युवा मुख्यमंत्री बनने का  सौभाग्य प्राप्त हुआ। सन् 2012 में इन्होंने डोईवाला विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीता, किन्तु 2014 में वहां से इस्तीफा देकर इन्होंने हरिद्वार लोकसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ा और जिसमें यह विजयी हुए।तब इन्हें लोकसभा की सरकारी आश्वासन समिति का सभापति बनाया गया था।

Who is the Education Minister of India ?: Ramesh Pokhriyal Nishank

अब हम आपको मानव संसाधन मंत्रालय के कुछ ऐतिहासिक तथ्यों के बारे में जानकारी देंगे। 25 सितंबर 1985 को शिक्षा मंत्रालय को मानव संसाधन मंत्रालय का नाम दिया गया था। मानव संसाधन मंत्रालय दो भागों में विभाजित है। जिसमें एक भाग स्कूली शिक्षा और दूसरा भाग साक्षरता विभाग के अंतर्गत आता है।

मानव संसाधन मंत्रालय में प्राथमिक शिक्षा, माध्यमिक शिक्षा, उच्चतर माध्यमिक शिक्षा, वयस्क शिक्षा, तकनीकी शिक्षा, विश्वविद्यालयों और छात्रवृत्ति से सम्बन्धित विकास  कार्यों के लिए प्रारूप तैयार किया जाता है तथा होने योजनाबद्ध तरीके से लागू भी किया जाता है। भारत देश में उपलब्ध सभी क्षेत्रों के शिक्षा विकास के लिए मानव संसाधन मंत्रालय सदैव से कार्यरत है।

मानव संसाधन मंत्रालय के अंतर्गत विश्वविद्यालय, उच्च शिक्षण संस्थान, प्रौढ़ शिक्षा केंद्र,तकनीकी शिक्षण संस्थान, यूनेस्को इत्यादि आते है।शिक्षण संस्थानों तथा विश्वविद्यालयों को सम्बद्धता प्रदान करने के लिए कुछ संगठनों को बनाया गया है जो मानव संसाधन मंत्रालय के अधीन कार्य करते है।मानव संसाधन मंत्रालय का कार्यालय शास्त्री भवन डॉ० राजेंद्र प्रसाद रोड नई दिल्ली में स्थित है।

कुछ विशेष संगठन है जो मानव संसाधन मंत्रालय के अंतर्गत कार्यरत है।जिनका विवरण इस प्रकार है:

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) इस संस्था का प्रमुख कार्य सभी सरकारी विद्यालयों को अनुदान प्रदान करना है।

अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद (एआईसीटीई) इस संस्था द्वारा तकनीकी विश्वविद्यालय को सम्बद्धता प्रदान की जाती है।

23 भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी)

20 भारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम)

31 राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (एनआईटी)

इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय (आई०जी०एन०ओ०यू)

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद(एनसीईआरटी)

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई)

केंद्रीय संगठन विश्वविद्यालय (केवीएस)

नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस)

राष्ट्रीय मुक्त विद्यालय शिक्षा संस्थान (एनआईओएस),इत्यादि।

डीम्ड विश्वविद्यालयों ,शिक्षकों के कल्याण के लिए राष्ट्रीय फाउंडेशन, नेशनल बुक ट्रस्ट, प्रशासन एवं भाषाओं के लिए संगठनों सहित ऐसी कई संस्थाएं कार्यरत है।जिनके सहयोग से शिक्षा में सुधार के साथ-साथ मानव जीवन के स्तर को ऊंचा उठाना और देश की विकास की गति को तेज करने के लिए देश के हर व्यक्ति को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने जैसी कई योजनाओं का क्रियान्वयन किया जाता है।

इस मंत्रालय का प्रमुख कार्य शिक्षा से संबंधित राष्ट्रीय नीतियां तैयार करना है। जिसके फलस्वरूप पूरे देश भर में उपलब्ध शिक्षण संस्थानों के माध्यम से योजनाबद्ध तरीके से विकास से जुड़े क्षेत्रों में तेजी आ सके और देश भर में सब लोगों तक शिक्षा आसानी से पहुंच सकें। गरीबों,महिलाओं तथा अल्पसंख्यकों जैसे समूहों को जो शिक्षा से वंचित है, उन्हें भी विकास की धारा से जोड़ने के लिए उन्हें छात्रवृत्ति और ऋण सब्सिडी के रूप में आर्थिक मदद प्रदान की जाती है।

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