गुजरात की राजधानी क्या है? (Gujrat ki Rajdhani ka Naam Kya Hai)

गुजरात की राजधानी का नाम क्या है (Gujarat Ki Rajdhani Kya Hai)

चलो दोस्तों जानते हैं गुजरात की राजधानी क्या है? (Gujrat ki Rajdhani ka Naam Kya Hai)। यह एक जनरल नॉलेज का महत्वपूर्ण सवाल है|

गुजरात की राजधानी कहां है और उसके बारे में कुछ जानकारियां आपको बताएंगे। जिनसे आप गुजरात की राजधानी तथा गुजरात की खूबियों को काफी बेहतर तरीके से जान पाएंगे। किन कारणों से गुजरात को इतना प्रसिद्ध और प्रचलित शहर माना गया है। ऐसे ही कई सवालों के जवाब हम आपको देने जा रहे हैं उम्मीद करते हैं आपको पसंद आएगा।

गुजरात की राजधानी

गुजरात की राजधानी (Gujarat Ki Rajdhani): गांधीनगर

गुजरात की राजधानी का नाम है गांधीनगर। गुजरात की राजधानी को ग्रीन सिटी के नाम से भी जाना जाता है। गांधीनगर सिर्फ राजनीतिक कारणों की वजह से ही नहीं बल्कि अपनी खूबसूरती की वजह से भी जानी जाती है। इज्जत से गुजरात में मानसून की एंट्री हो गई है तो अब गांधीनगर की खूबसूरती और भी बढ़ गई है। गांधीनगर भारत का दूसरा नियोजित शहर माना जाता है चंडीगढ़ के बाद। चंडीगढ़ को डिजाइन करने वाले फ्रेंच वास्तुशिल्प ली कोरबुसियन ने इस शहर को भी डिजाइन किया था।

गुजरात की स्थापना के समय वर्ष 1960 में इस प्रदेश की राजधानी अहमदाबाद थी लेकिन गुजरात और महाराष्ट्र के बटवारे के समय गांधीनगर गुजरात की राजधानी बन गई। गांधीनगर अहमदाबाद से 35 से 40 किलोमीटर पूर्वोत्तर साबरमती नदी के दाएं तट पर है। गांधीनगर हिंदुस्तान का दूसरा ऐसा शहर है जिसको पूरी तरह से प्लानिंग से बनाया गया है। इसे हरित नगर जिसको इंग्लिश में ग्रीन सिटी कहा जाता है।

गांधीनगर में रहने वाले लोग ज्यादातर सरकारी या फिर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी में जॉब करते है और इसीलिए इस शहर की इकोनॉमी रेट भी बहुत ही अच्छी है।

गांधीनगर का विकास (Ghandi nagar ka vikas 4 charno mai hua hai)

दरअसल गांधीनर गुजरात के काफी पुराने शहरो में से एक है।यह अपनी खूबसूरती के साथ साथ अच्छा ऐतिहासिक रुतबा भी रखता है। गांधी नगर का विकाश 4 चरणों में हुआ था तो चलिए जानते है इनके बारे में –

  • पहला चरण (Pehla charan)

प्रथम चरण में सिटी का इंफ्रास्ट्रक्चर 1970 में पूरी तरह से कंप्लीट हो गया था। इस समय इसे गांधियन सिटी के नाम से जानवर पहचाना जाता था, क्योंकि यह शहर का विकास गांधी जी की अवधारणाऔं पर आधारित था। गांधीनगर का नाम राष्ट्रपति महात्मा गांधी के नाम पर ही रखा गया है।

  • दूसरा चरण (Doosra charan)

शहर के विकास का दूसरा चरण 1980 से 1990 तक चला था। इस समय तक भी शहर की जनसंख्या बहुत ही कम थी इसीलिए इसे अनपोल्यूटेड सिटी भी कहा जाता था।

  • तीसरा चरण (Teesra charan)

यह समय 1990 के बाद का था जब पूरे शहर को ग्रीन सिटी बनाने का फैसला किया गया। 1990 के बाद से यहां लाखों की तादाद में पौधे लगाए गए और इस तरह इस सिटी को नाम मिला द ग्रीन सिटी ऑफ इंडिया। गांधीनगर को आज देश की ग्रीन राजधानी कहा जाता है क्योंकि इसमें 2000 वर्ग किमी क्षेत्र में बसे इस शहर की 54 परसेंट की जमीन पर हरियाली है।

  • चौथा चरण (Chautha charan)

यह समय 2002 के बाद का समय था। इस समय में गुजरात के मुख्यमंत्री श्री नरेंद्र मोदी थे। और मोदी ने अपने कार्यकाल में गांधी नगर के विकास पर बहुत ही ज्यादा और सही तरीके से ध्यान दिया था। पौधे लगाने के अलावा साफ-सुथरी सड़कें नियोजित कॉलोनियों और ढेरों बाग बगीचे का सही निर्माण मोदी के कार्यकाल में हुआ था। इतना ही नहीं शहर को प्रदूषण मुक्त रखने के लिए सबसे ज्यादा सौर ऊर्जा का प्रयोग इसी शहर में किया जाता है ताकि प्रदूषण को बहुत ही ज्यादा मात्रा में कम कर सकें।

गुजरात टूर और ट्रैवल (Tour aur travel)

भारत की ग्रीन सिटी होने की वजह से इसने दूसरे कई देशों में बहुत धूम मचाई जिसकी वजह से इसका बेहद नाम हुआ और गुजरात में बसे हुए इस शहर को टूरिस्ट एरिया बना दिया गया। लगभग हर देश से लोग इस सिटी को देखने आते हैं और ऐसा तो हुआ ही नहीं होगा कि कोई हिंदुस्तान घूमने आया हो और वह इस स्वर्गीय जगह न गया हो।

आज हमने आपको इस पोस्ट में यह बताया कि गुजरात की राजधानी कहां है और वह कितने चरणों से बनी है और वहां टूर और ट्रेवल्स कैसा है उम्मीद करते हैं कि आपने गुजरात की सभी प्रकार की जानकारियां बड़े ही अच्छी तरीके से हासिल कर ली होगी। आपके बहुत काम आने वाली है।

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दोस्तों उम्मीद है गुजरात की राजधानी का नाम क्या है (Gujarat Ki Rajdhani Kya Hai), इसका उत्तर आपको मिल गया होगा और यह आपकी नॉलेज बढ़ाने में भी मदद करेगा।

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