Taj Mahal कब और किसने बनाया था? | History of Taj Mahal

Taj Mahal कब और किसने बनाया था? History of Taj Mahal:

Taj Mahal, देश का सबसे खूबसूरत और लोकप्रिय ईमारत है। इसकी ख़ूबसूरती देख के ही लोग इसके कायल हो जाते है कह देते हैं “वाह ताज ! ” इसकी सुंदरता के लिए एक पूरी किताब भी कम पड़ जाए। यही कारण है कि यह दुनिया के सात अजूबों (7 Wonders Of World) में शुमार है।

इसके साथ ही यह UNICEF द्वारा विश्व धरोहर भी घोषित किया जा चुका है। ताज महल से जुड़ी हर एक अपडेट एक खबर बन जाती है। ताज महल उत्तर प्रदेश के आगरा शहर में मौजूद है।

Taj Mahal कब और किसने बनाया था History of Taj Mahal

आगरा को ताज महल के चलते ही ताज नगरी के नाम से जाना जाता है। यमुना नदी के किनारे बसा यह सफ़ेद रंग का संगमरमरी ईमारत इश्क़ की निशानी के तौर पर पूरी दुनिया में प्रख्यात है हालाँकि इसको लेकर विवादों की अलग सी सूची है। ऐसा दावा रहा है कि यह हिन्दू मंदिर तेजो महालय था जो कि भगवान शिव का मंदिर था।

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ताज महल को मुग़लकाल के दौरान बनाया गया था। इसका निर्माण शहंशाह शाह जहाँ ने अपनी बीवी मुमताज़ महल की याद में करवाया था। ताज महल ईमारत के अंदर ही मुमताज़ महल का मकबरा मौजूद है। इसका निर्माण 1632 AD में हुआ था। इसके मुख्या वास्तुकारों का नाम उस्ताद अहमद लाहौरी और उस्ताद इसा है।

 

उस समय के सबसे कीमती पत्थर सफ़ेद संगमरमर से इसका निर्माण करवाया गया था। आज के समय में ताज महल के अंदर ही शाहजहाँ और उनकी बेगम मुमताज़ महल की कब्र बनी हुई है। मुमताज़ और शाहजहां के कुल 14 बच्चे थे और अपने 14 वे बच्चे के जन्म के बाद ही उसका इंतकाल हो गया।

 

सन 1632 AD से लेकर 1653 AD तक ताज महल का निर्माण कार्य चला और हज़ारो मजदूरों को काम पर लगाया था। 21 सालो की म्हणत के बाद ताज महल 1653 AD में बनकर तैयार हुआ था।

 

यह मुग़ल आर्किटेक्चर से हिसाब से बनाया गया था और इसमें इंडो-इस्लामिक वास्तुकला की छाप साफ़ तौर पर देखी जा सकती है।

इसके मुख्या मंच के चारों ओर मुक्त रूप से खड़ी मीनारे इसकी सबसे बड़ी खासियत है क्योंकि यह ताज महल को एक 3D इफ़ेक्ट प्रदान करती है जो वास्तव में इसे दुसरे अन्य इमारतों से जुदा और विशेष बनती है।

 

ताज महल को हर जुम्मे के दिन यानी शुक्रवार के दिन बंद रखा जाता है। जब भी किसी देश का राष्ट्राध्यक्ष भारत पधारते है तो वह आगरा शहर जाकर ताज महल को देखना बिलकुल नहीं भूलते है। हाल के दिनों में प्रदूषण के चलते ताज महल की अनोखी संरचना को काफी नुक्सान हुआ है उसकी संगमरमरी सतह को पीलेपन का सामना करना पड़ चुका है। आज दुनिया के लिए ताज महल एक उम्दा मिसाल है कैसे एक ईमारत को सालों-साल संजोया जा सकता है।

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इसे मुग़ल काल के दौरान बनाई गई सबसे शानदार इमारतों में से एक माना जाता है। यह 73 मीटर ऊँचा है तो करीब 17 हेक्टेयर एरिया में फैला हुआ है जो इसकी विशालकाय सुंदरता को दर्शाता है। दिन के अलग-अलग समय में ताज महल सूरज की किरणो के विभिन्न एंगल और दिशा में पड़ने की वजह से अलग रूप में दिखाई देता है। इतनी ढेर साड़ी खूबियां ही सभी को कहने पर मजबूर कर देती है वाह ताज !

 

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