शिक्षा के महत्व पर निबंध | Essay on Importance of Education in Hindi

शिक्षा समाज का आईना है।

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शिक्षा का महत्व पर निबंध

दोस्तों आज हम शिक्षा का महत्व पर  निबंध  के बारे में पढ़ने जा रहे हैं  शिक्षा हमारे जीवन में हर दिशा में बहुत उपयोगी होती है। यह हमारा करियर अच्छा बनती है।

शिक्षा हमारे जीवन में बहुत महत्वपूर्ण है। शिक्षा के बिना जिंदगी जीना पशु के समान है। शिक्षित होने से आप मानसिक और सामाजिक दोनो तरह से जागरुक होते है और लोगो के बीच सम्मान बढता है।

बच्चो को पढने के लिए हमारे देश में सरकार द्वारा कई सारे स्कूल खोले गये है। यदि कोई भी छात्र पढने में बहुत अच्छा होता है तो उन्हे छात्रवृत्ति प्रदान कि जाती है। जिससे वह अपने आगे की पढ़ाई कर सके । शिक्षा के द्वारा आप परिवार, समाज और देश की स्थिति को बदल सकते है। शिक्षा लेना हमारा अधिकार है जिसे कोई भी बदल नही सकता है।

शिक्षा के महत्व पर निबंध
शिक्षा का महत्व

अच्छी शिक्षा प्राप्त करने से आप एक उच्च पद पर विदेशो में नौकरी पा सकते है। भारत में कई सारे ऐसे लोग है जो विदेश में काम करते है जैसे – अमेरिका, जापान, कनाडा आदि । भारत में भी कई सारी मल्टीनेशनल कंपनी है जिसमें आप बहुत अच्छे स्तर पर काम कर सकते है। शिक्षा का महत्व क्या है चालिए जानते है।

शिक्षा के क्या फायदे है?

शिक्षा के हमारे जीवन में कई सारे फायदे है जो निम्नलिखित है-
1. शिक्षा हमारे जीवन को बदल देती है।

2. अच्छी शिक्षा से आप डॉक्टर या साइंटिस्ट भी बन सकते है।

3. शिक्षा से हम असंभव काम को संभव कर सकते है।

4. शिक्षित होने से परिवार में शांति का माहोल बना रहता है।

5. शिक्षा से समाज कि गंदगी को दूर किया जा सकता है।

6. शिक्षा देश को आगे ले जाने में मदद करती है।

7. शिक्षा से देश में गरीबी को दूर किया जा सकता है।

8. बेरोजगारी को दूर करने के लिए शिक्षा बहुत महत्वपुर्ण है|

9. शिक्षा के द्वारा देश में फैला हुई भ्रष्टाचार को दूर किया जा सकता है।

10. शिक्षित व्यक्ति जनसंख्या को बढने से रोकते है।

शिक्षा के कितने स्तर होते है?

शिक्षा के तीन स्तर होते है जो निम्नलिखित होते है-

1. प्रथमिक शिक्षा – प्रथमिक शिक्षा में नर्सरी से पांचवी कक्षा तक को रखा गया है। प्रथमिक शिक्षा में छोटे बच्चो को शिक्षित करने के लिए भेजा जाता है। भारत में प्रथमिक स्कूल सरकार द्वारा भी कई सारी खोली गयी है। जो मुफ्त में शिक्षा मुहैया करायी जाती है जिसमे गरीब बच्चो को शिक्षा दिया जाता है ।

2. माध्यमिक शिक्षा – इसमे छ्ठी कक्षा से बारहवी कक्षा तक को शामिल किया गया है। इसमे आपको अपने अनुसार विषय का चयन करना होता है। जो विषय आप माध्यमिक स्तर में लेंगे उसी के अनुसार आपको आगे की पढ़ाई करनी होगी। इसलिए अपने लक्ष्य पसंद के अनुसार ही विषय का चयन करे।

3. उच्च माध्यमिक शिक्षा – उच्च माध्यमिक शिक्षा में आपको बारहवी के बाद डिग्री की पढ़ाई करनी होती है। इसे करने से आप लक्ष्य को हासिल कर पायेंगे। इसलिए उच्च माध्यमिक की पढ़ाई अच्छे से करे और लक्ष्य प्राप्त करे ।

भारत सरकार द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान

2015 में भारत सरकार द्वारा चालायी गयी बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान में बेटीयो को मुफ्त में शिक्षा दी जायेगी । इस अभियान के द्वारा लोगो को जागरुक किया जा रहा है की कन्या भ्रूण हत्या रोको और उन्हे पढ़ाओ । इस अभियान मे बताया गया है कि बेटा-बेटी में कोई भी भेदभाव नही करना चाहिए। इस अभियान में 10 वर्ष तक कि बेटीयो को रखा गया है।

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शिक्षा आत्म-सम्मान को बढ़ाये

शिक्षा होने से आपके अंदर आत्मसम्मान बढने लगता है जिससे आप किसी भी काम को पूरे लगन के साथ कर सकते है। ऐसे व्यक्ति हमेशा हर काम मे सफल होते है। जिससे इनका मनोबल हमेशा ऊंचा रहता है । शिक्षित व्यक्ति को किसी के भी आगे हाथ फैलाने की जरुरत नही होती है। ये सब कुछ अपने बल पर करने की क्षमता रखते है । इसलिए आप भी शिक्षा ग्रहण करे और ऐसे ही आत्मनिर्भर बने ।

शिक्षा का महत्व स्वास्थ के प्रति 

शिक्षित होना सिर्फ नौकरी और बिजनेस करने के लिए नही होता है। शिक्षित होकर आप अपने परिवार को स्वस्थ भी रख सकते है। आपको पता होना चाहिए कि कौन सी बिमारी में क्या करना चाहिए । इसलिए शिक्षा स्वास्थ के प्रति बहुत महत्वपूर्ण है ।

शिक्षा के फायदे मानसिक और सामाजिक रुप में

शिक्षित व्यक्ति किसी भी परिस्थिति में सोच समझ कर फैसला लेते है अशिक्षित व्यक्ति कि तुलना में । सोच समझकर लिया गया फैसला एकदम सही फैसला होता है। रही बात समाज में तो शिक्षित व्यक्ति को पूर्ण रुप से सम्मान दिया जाता है ।

शिक्षा खुशहाल जीवन जीने के लिए 

शिक्षित होकर आप एक अच्छी नौकरी कर सकते है। जिससे आप खूब सारा पैसा भी कमा सकते है। यह इच्छा सबकी होती है की वह पढ लिख कर नौकरी करे और पैसा कमाये। इससे आपकी आर्थिक स्थिति भी मजबूत रहती है। और आपका जीवन पूर्ण रुप खुशहाल होगा।

शिक्षित होकर एक अच्छा नागरिक बने

देखा जाता है कि पढे-लिखे व्यक्ति को समाज मे उचा दर्जा दिया जाता है। क्युकि इनके पास नौकरी होती है। शाक्षर व्यक्ति को अपने मौलिक अधिकारो के बारे में पता होता है। और उन्हे कानून के नियमो के बारे में भी अच्छी जानकारी होती है। इन्ही सब के कारण ऐसे लोगो को सम्मान दिया जाता है ।

शिक्षा आपको एक अच्छा माता-पिता बनाए

कहा जाता है कि जैसे मां और बाप होंगे वैसे ही न बच्चे होंगे। इसलिए अपने बच्चो को अच्छा संसकार देने से पहले आपको वैसा बनना पडेगा । जब आपके पास जानकारी होगी तभी न आप अपने बच्चो का भविष्य बना पायेंगे। उन्हे किस राह में जाना है उन्हे क्या करना है सब माता-पिता पर होता निर्भर करता है । इसलिए शिक्षित होना बहुत जरुरी है आपके लिए, आपके परिवार के लिए और अपने देश के लिए ।

शिक्षित बने और अंधविश्वास को दूर करे
पहले के लोग अंधविश्वास को ज्यादा मानते थे लेकिन जैसे जैसे लोग शिक्षित होते गये अंधविश्वास से दूर होते चले गये । इसलिए शिक्षा बहुत जरुरी है अंधविश्वास को दूर करने के लिए। अगर आप शिक्षित रहेंगे तो दुसरो को भी जागरुक कर पायेंगे।

गुरू गोविन्द दोऊ खड़े, काके लागूं पांय। बलिहारी गुरू अपने गोविन्द दियो बताय

जीवन में शिक्षा का महत्व (Importance’s of education in our lives) (800 Words)

सार्थकता के रास्ते पर कौन व्यक्ति चलना नहीं चाहता। हर व्यक्ति की प्राप्त की हुई शिक्षा पर उसका सम्पूर्ण जीवन मूल भाव से निर्भर करता है। यह सिर्फ मौजूद का ही विष्य नहीं है… बल्कि पुरातिन समय से ही शिक्षा के महत्व को हमारे पूर्वजों ने स्वीकार किया है और सराहा है।

आज के समय में, यदि कोई व्यक्ति शिक्षित नहीं है तो वह समाज में पिछडता जाता है। वह स्वयं को समाज से थोड़ा अलग महसूस करने लगता है। शिक्षा का तातपरये विभिन्न डिग्री प्राप्त करना नहीं बल्कि, आत्मबल होने से है।

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वास्तव में शिक्षा का मतलब है कि किसी भी व्यक्ति को कम से कम इतना ज्ञान हो कि वह पढ़ना लिखना जानता हो, इतना शिक्षित हो की सामान्य कामों के लिए किसी का सहयोग लेने की आवश्यकता ना पड़े।

आज इस आधुनिक दुनियां शिक्षा का मतलब बढ़ता जा रहा है। हर व्यक्ति का प्रथम स्कूल उसका घर होता है। अथवा किसी भी व्यक्ति का पहला शिक्षक उसके माता-पिता सामान होता है।

आज के समय में अधिकतर युवाओं की सोच यह है कि शिक्षा का उद्देश्य नौकरी लेना है। लेकिन वास्तविकता में ऐसा नहीं है। जब तक हमारी शिक्षित होने का उद्देश्य नौकरी प्राप्त करना होगा, तब तक हम पूर्ण रुपेन शिक्षा ग्रहण नहीं कर पाएंगे। शिक्षा का मूल उद्देश्य यह होना चाहिए कि हम पूर्णरूपेण शिक्षित होकर दूसरों को रोजगार देने लायक काम करें।

हमारे जीवन में  शिक्षा का महत्व  इस प्रतीत बढ़ गया है, कि शहरी क्षेत्र में तो एक और शिक्षित व्यक्ति खुद को ठगा हुआ महसूस करता है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी अब शिक्षित लोगों की मांग बढ़ गई है। इन क्षेत्रों की स्थिति में भी अब बदलाव आ रहा है।

यदि हम आज 60 – 70 साल पीछे की बात करें, तो सुदूर क्षेत्र में विरले ही कोई शिक्षित व्यक्ति मिलता था। वह व्यक्ति उस गांव में आसमान के ध्रुव तारे के समान चमकता था। जिस किसी को भी कोई पत्र लिखना या पढ़ना होता था तो उसके सामने अपने पत्र पढ़ाने के लिए विनती करनी पड़ती थी।

शिक्षित होने के कई लाभ है। एक शिक्षित व्यक्ति खुद को ही नहीं बल्कि समाज को भी बहुत से फायदे पहुँचाता है। ऐसे व्यक्ति को हर चीज के अच्छे बुरे का ज्ञान होता है। एक सुशिक्षित व्यक्ति समाज की सेवा करता है। आइए जानते है आज के समय में शिक्षा के महत्व।

  1. शिक्षा, एक व्यक्ति को शिक्षित करने के साथ-साथ उसे सभ्य और अनुशासन प्रिया बनाता है। शिक्षा रोजगार दिलाने में भी बहुत सहायक है, शिक्षा के बिना अच्छा रोजगार भी असंभव है। देश की आर्थिक स्थिति में सुधार भी शिक्षा की वजह से हुआ है। शिक्षा के कारण ही तो हम लड़ाकू विमान और और भी बहुत से हथियार बना सके है।
  2. स्त्री शिक्षा का महत्व –

    वर्तमान समय में समाज रूपी रथ के दोनों पहिएस्त्री तथा पुरुष दोनों ही हैं। यदि एक पहिया कमजोर हो जाए, तो रथ का चलना असंभव है। हमारे समाज में बहुत आवश्यकता है कि जिस प्रकार बालकों पुरुषों के शिक्षा पर जोर दिया जाता है ,ठीक उसी प्रकार स्त्री शिक्षा पर भी जोर दिया जाना चाहिए। अन्यथा यह समाज रूपी रथ कभी आगे बढ़ नहीं पाएगा।

    एक प्रसिद्द कहावत
    एक कहावत के अनुसार, “एक पुरुष को शिक्षित करने से वह अकेला शिक्षित होगा, किन्तू एक स्त्री को शिक्षित करने से वह पूरा परिवार शिक्षित होगा”।
  • वर्तमान शिक्षा प्रणाली तथा शिक्षा का गिरता स्तर-

    शिक्षा प्रणालीका वर्तमान समय में स्तर इतना गिर गया है की प्राथमिक शिक्षा प्राप्त करने के बाद भी छात्रों को सही से अपना नाम लिखने का ज्ञान नहीं होता। वर्तमान समय के सरकारी विद्यालयों की स्थिति से तो सभी वाकिफ हैं। बहुत सारे सरकारी कागजातों को ठीक करने में शिक्षकों को लगा दिया जाता है।
  • शिक्षा का स्तर सामान्य कर देनाचाहिए। पूंजीपति वर्ग और गरीब वर्ग दोनों वर्ग के बच्चे का एक ही स्कूल में शिक्षा दीक्षा होनी चाहिए। शिक्षा थियोरीटकल होने की जगह प्रैक्टिकल टेक्नोलॉजी की होनी चाहिए। जैसे चीन और जापान में टेक्नोलॉजिकल शिक्षा का प्रादुर्भाव है। टेक्निकल शिक्षा ग्रहण करने पर हर गरीब अमीर को कार्य मिल सकता है।बहुत सारे ऐसे स्कूल देखे गए हैं जिसमें कि क्लास के मुताबिक शिक्षक की कमी ज्यादा से ज्यादा देखने को मिलती है। इसके बावजूद भी उसे जनगणना जैसे अन्य कार्यों में लगाया जाता है। शिक्षा का स्तर कहां तक ऊपर उठ पाएगा, जब क्लास में शिक्षक पूरे नहीं रहेंगे तो। यह केवल सोचनीय बातें बनकर रह गयी है।
  • अगर जमीनी स्तर से पड़ताल की जाए तो सरकारी फाइलें भले ही जो कहती हो किन्तु वर्तमान शिक्षा प्रणाली बद से बदतर स्थिति में मालूम पढ़ती है।
  • शिक्षा के निजी करणसे तो शिक्षा की स्थिति और भी ज्यादा खराब हो गई है। निजी स्कूल के संचालकों ने पूरी तरह से शिक्षा को बेचने का धंधा करना शुरू कर दिया है। इसके लिए शिक्षा पैसा कमाने का एक जरिया बनकर रह गया है। यह ऊंची शिक्षा देने का कार्ये नहीं कर रहे है।बाकी कमी सरकार ने शिक्षा में आरक्षण देकर पूरी कर दी है। वर्तमान मे निम्न वर्ग के छात्र आरक्षण के लोभ में पड़ कर अपने लक्ष्य से भटक रहे हैं। सरकार को आज जरूरत है कि, हम मुद्दों पर विचार करके कोई ठोस कदम उठाएं।
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कोई भी व्यक्ति भूका नहीं मर सकता है। कोई भी विद्यार्थी नौकरी के तलाश में दर दर नहीं भटक सकता है। हमारा देश शक्ति संपन्न, सुखी बन सकता है यदि शिक्षित व्यक्ति नौकरी देने वाला बन सकता है, लेकिन नौकरी लेने वाला नहीं।

इस प्रकार हमारा देश पहले की तरह सोने की चिड़िया बन सकता है और हमारा देश पूरे विश्व में एक अलग पहचान छोड़ सकता है। क्यूंकि बच्चे तो देश का भविष्य होते हैं। बच्चो पर ही पूरे देश की ही नहीं बल्कि पूरे विश्व का भविष्य टिका होता है।

इसी कारण हेतु हमारी सरकार को चाहिए की टेक्नोलॉजी शिक्षा अपने देश में अविलंब लागू करें। अन्यथा अपने बच्चो को कार्यकुशल बनाकर देश में एक अलग छाप छोड़ने का काम करे। इस प्रकार हमारे देश का हर बच्चा इंजीनियर और डॉक्टर बनकर दूसरे देश में अपनी पहचान बना सकता है। इतना ही नहीं बल्कि हमारे देश में तकनीकि खेती से ज्यादा से ज्यादा फसल उत्पादन कर, हमारा देश विश्व में नंबर वन स्थान ले सकता है।

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यह था जीवन में शिक्षा का महत्व (Importance’s of education in our lives) in हिंदी । हम आशा करते हैं किजीवन में शिक्षा का महत्व (Importance’s of education in our lives) in हिंदी में जानकारी प्राप्त हो गयी होगी । मैं कुछ ऐसी ही posts आगे update करता रहूँगा, जिससे आप अधिक से अधिक ज्ञान प्राप्त कर सकते हैं। आप चाहे तो इस page को bookmark कर लीजिये|

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